झांसी इलाइट चौराहे पर 12 से 15 साल के बच्चे जो कि नशे की लत में पागल हैं इसके पीछे कबाड़ा माफिया सुलोचन के नशे में अंधकार की ओर धकेल रहे हैं

झांसी:इलाइट चौराहे पर 12-15 साल के बच्चों द्वारा नशे का सेवन,कबाड़ी के शामिल होने की आशंका झांसी के इलाइट चौराहे पर एक गंभीर सामाजिक समस्या ने लोगों का ध्यान खींचा है।
जानकारी के अनुसार, 12 से 15 साल की उम्र के कुछ बालक इस व्यस्त चौराहे पर सुलोचन सॉल्वेंट या इनहेलेंट जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते देखे गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन बच्चों को नशे की लत में धकेलने के पीछे कुछ कबाड़ी स्क्रैप डीलर शामिल हो सकते हैं, जो उन्हें नशे की सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, ये बच्चे अक्सर चौराहे के आसपास इकट्ठा होते हैं और सुलोचन या अन्य सस्ते नशीले पदार्थों का उपयोग करते हैं। यह न केवल उनकी सेहत के लिए खतरनाक है, बल्कि उनके भविष्य और समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा बन रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इन बच्चों को कबाड़ बीनने के काम में लगाया जाता है, और बदले में उन्हें नशे की सामग्री दी जाती है। 12 साल के बच्चों द्वारा अस्पताल से निकला बायोमेडिकल कबाड़ जैसे सिरिंज, ड्रिप, दवाइयों के रैपर इकट्ठा कर कबाड़ियों को बेचने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। यह गतिविधि बाल श्रम का रूप है और बच्चों को कई बीमारियों का शिकार बना सकती है। बायोमेडिकल कचरे में रक्त, बैक्टीरिया, वायरस जैसे हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो हेपेटाइटिस बी, सी, एचआईवी, त्वचा संक्रमण, और श्वसन रोगों का कारण बन सकते हैं।ऐसे बच्चे अक्सर बिना दस्ताने या सुरक्षा उपकरणों के कचरा इकट्ठा करते हैं, जिससे चोट या संक्रमण का खतरा बढ़ता है। कचरे में मौजूद जहरीले रसायन त्वचा, फेफड़ों और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में काम करने से बच्चों में मलेरिया, डायरिया, और कुपोषण की समस्या भी देखी गई है। पुलिस और प्रशासन से इस मामले में निवेदन है की कार्रवाई करे सामाजिक लोगो ने बताया कि बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता अभियान, कार्यक्रम और सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, कबाड़ियों पर निगरानी बढ़ाने और उनकी गतिविधियों की जांच करने की जरूरत है। स्क्रैप डीलर कबड्डी जो कि बच्चों को इस बिजनेस में लगा कर बच्चों से कबाड़ा का काम कर रहे हैं यह बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं और नशे की लत में नशे की अंधकार की लत में इनको धकेला जा रहा है पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि ऐसे लोगों को तत्काल कार्रवाई करें जो इन बच्चों से ऐसा काम कर रहे हैं

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