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बुंदेलखंड की सबसे चर्चित एनजीओ आसरा सोसायटी द्वारा

 झांसी मंगलवार को लक्ष्मी गार्डन में आसरा सोसाइटी एनजीओ द्वारा डांडिया गरबा का आयोजन खूब भव्य रूप से मनाया गया इस अवसर पर महिलाओं ने और युवा लड़कों ने डांडिया में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया साथ-साथ कार्यक्रम का भी लुत्फ उठाया। डांडिया कार्यक्रम का आयोजन शाम 7 से रात 11 बजे तक हुआ डांडिया कलाकारों की मंडली को सम्मानित भी किया इसमें डांडिया गरबा में बेस्ट ड्रेस बेस्ट परफॉर्मेंस करने वाले को पुरस्कार से सम्मिलित किया इस मौके पर उपस्थित आसरा सोसायटी अध्यक्ष पूजा शर्मा ,बंटी शर्मा, विकास पांडे, हिमांशु श्रीवास्तव, रचना उपाध्याय, आदि उपस्थित रहे।

पर्यावरण को बचाना है तो वृक्षारोपण करना है

झांसी विधायक करवि शर्मा जी के फार्म हाउस पर आज आसरा सोसायटी एनजीओ द्वारा आज वृक्षारोपण किया गया पर्यावरण को बचाना है तो वृक्षारोपण करना है  सबसे जरूरी जीवन की दृष्टि से पर्यावरण मानव के लिए सर्वोच्च जरुरत है। जल, जंगल और जमीन तीनों उसके प्रमुख आधार हैं। आज देश की आबादी का बड़ा हिस्सा स्वच्छ व सुरक्षित पानी, और शुद्ध हवा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से भी वंचित है। पर्यावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। इस दिशा में समाज और हर व्यक्ति को आगे आकर स्वच्छता और वृक्षारोपण को एक जनान्दोलन बनाने की तरफ सोचना होगा, जिसके लिए समाज की सहभागिता होना पहली और आवश्यक शर्त है। स्वच्छता की संस्कृति विकसित करने की जरुरत है पर्यावरण की सेहत के लिए वृक्षारोपण करना निरन्तर जारी रहना बेहद जरुरी है पर्यावरण ऐसा मामला है जिससे जीवन सीधे जुड़ा हुआ है पर्यावरण की सेहत के लिए दो कामों का निरन्तर जारी रहना बेहद जरुरी है, पहला स्वच्छता और दूसरा वृक्षारोपण। स्वच्छता के अभाव में हमें स्वास्थ्य सम्बन्धी खतरे झेलने पड़ते है ये किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहींं रहते हैं। वैश्वीकरण के दौर में दुनिया एक दूसरे से बहुत जुड़ गई ह...

जल संरक्षण और बचाव जल की हर बूंद हमारे लिए अमृत है

जल संरक्षण और बचाव जल की हर बूंद हमारे लिए अमृत है गर्मी के मौसम में देश में कई हिस्सों में पानी की समस्या बढ़ रही जाती है कई जगह पर पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है कुछ जगह पर देखते हैं कि हम पानी बहुत ही गंदा आता है जिसे पानी इस्तेमाल में नहीं लाया जाता हैं अगर हम बाकि चीजे छोड़ दे तो मनुष्य के जीवित रहने के लिए दो चीजो की आवश्यकता है। पानी और अन्न इन दोनों से ही हमारा जीवन चलता है। मगर पानी के बिना तो अन्न भी नहीं है। प्रकृति ने पानी हमारी सभी आवश्यकताओ को पूरा करने के लिए दिया है, जो हमे आसानी से प्राप्त हो जाता है। जिसका उपयोग हम दैनिक कार्यो में करते है। अगर पानी नहीं होता तो कार्य करना तो दूर हम ये सोच भी नहीं सकते की शुरुआत किससे करे, क्योकि सभी में पानी की ही आवश्यकता पड़ती है। हमारे दिनचर्या की शुरुआत पानी से होती है। इसके बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं पानी की कमी के कारण किसानों को खेती किसानी करने में भी दिक्कत आ रही है भारत की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान जो अधिकांश रूप में मानसून पर निर्भर है जिन लोगों को ट्यूबेल है वहां भी भूजल स्तर गिर...

सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों खोले जा रहे हैं खासकर प्राथमिक स्कूल जिनमें छात्रों की संख्या बढ़ने की बजाए घटती जा रही है. आखिर क्यों

सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों खोले जा रहे हैं खासकर प्राथमिक स्कूल जिनमें छात्रों की संख्या बढ़ने की बजाए घटती जा रही है.क्योंकि हर अभिभावक चाहते हैं कि मेरा बच्चा मेरा सपना पूरा करेगा अच्छी शिक्षा प्राप्त करेगा इसलिए वह अच्छे कॉलेज में भेजना चाहते हैं पहले के जमाने में आईएएस पीसीएस ऑफीसर भी सरकारी स्कूलों से अपनी शिक्षा पूर्ण कर कर आज अपनी काबिलियत के दम पर अपने परिवार का नाम रोशन करते हैं पर अब सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या घटती जा रही है कहीं ना कहीं शिक्षा में हम लोगो को सोचना चाहिए ऐसा क्यों हो रहा है हर कोई अपने बच्चे को निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजने लगे हैं चाहे गरीब हो या अमीर हर कोई यही सोच रहा है मेरा बच्चा मेरे देश का नाम रोशन करेगा अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए निजी स्कूलों में दाखिला करवा रहे हैं. हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि निजी स्कूल इसी बात का फायदा उठाकर लोगों की जेबों पर डाका डाल रहे हैं. तरह तरह के हथकंडे अपनाकर बिल्डिंग फंड या अन्य फंड का हवाला देकर मोटी कमाई करने में लगे हैं. शिक्षा के अधिकार खामोश बैठा है आज ...